थोड़ी भिंडी विंडी ले के चले



थोड़ी भिंडी विंडी ले के चले,
थोड़ी ककड़ी वकड़ी ले के चले,
चल उनके लिए कुछ ले के चले,
फ्री व्री मे धनिया ले के चले…
हर पति की दास्तान

Comments

Popular posts from this blog

Santa’s curtains

Sharabiyon Ke Muhavare